Wednesday, 16 May 2018

प्रथम (अधिक) ज्येष्ठ मास शुक्ल पक्ष 16 मई से 29 मई,2018 तक

प्रथम (अधिक) ज्येष्ठ मास शुक्ल पक्ष 16 मई से 29 मई,2018 तक
सूर्य उत्तरायण, उत्तर गोल, ग्रीष्म ऋतु

इस मास के दोनों पक्षों में संक्रान्ति का अभाव होने से पुरुषोत्तम मास घटित हुआ है। इसकी व्याप्ति 16 मई से 13 जून तक रहेगी। इस मास में 16 मई स्व 14 जून तक मे विवाह, मुंडन, देव-प्रतिष्ठा, गृहारंभ, गृहप्रवेश, यज्ञोपवीत संस्कार, काम्य व्रतानुष्ठान आदि का आरंभ, नववधू प्रवेश, नवीन आभूषण बनवाना, नई गाड़ी खरीदना आदि मांगलिक कार्यों का संपादन वर्जित माना जाता है। परन्तु किसी रोग, ऋण आदि कष्ट निवृति के लिए किए जाने वाले जपादि अनुष्ठान, संतान के जन्म संबंधी कृत्य, गर्भादान, पुंसवन और सीमांत जैसे संस्कार तथा पूर्वगत और पूर्वनियोजित प्रयोग किये जा सकते है। अधिक मास में शुक्ल पक्ष प्रतिपदा से प्रारंभ करके अमावस्या तक 30 दिनों से भगवान विष्णु की प्राप्ति के लिए जो व्रत, उपवास, तीर्थस्नान, दान या पूजन आदि किये जाते है, उनका अक्षय फल होता है और अनिष्ट नष्ट होते है। अधिमास में एकभुक्त व्रत करके अपने सामर्थ्य के अनुसार जप, दान और पुण्य आदि करने चाहिए। यदि सम्पूर्ण मास व्रत आदि करने का सामर्थ्य न हो, तो किसी एक शुभ दिन (जैसे- एकादशी, पूर्णिमा आदि) को पति-पत्नी सुबह स्नान आदि नित्यकर्म करके वासुदेव को हृदय में धारण कर व्रत करे। भगवान लक्ष्मी नारायण के मंदिर में श्रीसूक्त और विष्णु सहस्रनाम स्तोत्र आदि मंत्र पढ़ते हुए गंधपुष्प चढ़ाने से मनुष्यों पर लक्ष्मीनारायण जी की कृपा बनी रहती है। सम्पूर्ण मास सूर्याष्टक आदि स्तोत्रों तथा पुरुषोत्तम माहात्म्य का श्रद्धापूर्वक प्रातः एक निश्चित समय पर पाठ करना शुभ होगा।
16 मई को ज्येष्ठ अधिक (मल) मास शुरू होगा।
17 मई को रमज़ान मुस्लिम मास शुरू होगा।
इस पक्ष की दशमी तिथि 24 मई को मेला/पर्व श्रीगंगा दशहरा(हरिद्वार) तीर्थ में बड़ी श्रद्धा भावना से मनाया जाएगा। इस दिन श्रीगंगा स्नान उपरांत पुष्प, अक्षत, धूप-दीप, नारियल आदि द्रव्यों सहित गंगा जी का पूजन करके यथा शक्ति दान करना चाहिए। यदि अधिमास में सभी पर्वो को मनाने का निषेध है, परन्तु गंगा-दशहरा पर्व मनाने की शास्त्र आज्ञा अधिक मास में ही प्रदान की गई है।
25 मई को भगवान विष्णु का पुरुषोत्तमा एकादशी व्रत है।
26 मई को शनि प्रदोष व्रत है।
29 मई को अधिक मास ज्येष्ठ पूर्णिमा है।

लोक भविष्य - चांद्र ज्येष्ठ मास में पांच मंगलवार होने से देश मे कही छत्रभंग (सत्ता परिवर्तन), सांप्रदायिक उपद्रव और हिंसक घटनाएं अधिक होने के संकेत है। किसी प्रमुख नेता का आकस्मिक निधन या अपदस्थ होने के योग है।
"प्रतिपत्सर्वमासेषु बुधे दुर्भिक्षकारिणी।
ज्येष्ठमासे विशेषेण वृष्टिभंगाय जायते।।"

शनि-शुक्र और मंगल-राहु का समसप्तक प्रधान नेताओं के सामने देश मे घटित दुर्भिक्ष, महंगाई और कश्मीर, असम, केरल, मध्य प्रदेश, आदि में पनप रहा उग्रवाद भारी कठिनाइयां लेकर आयेगा। बुधवारी प्रतिपदा आगे वर्षा के अभाव से दुर्भिक्ष का संकेत देती है।

बाज़ार का रुख - पक्ष के आरम्भ में लगभग 17 मई तक सभी धान्य, मूंग, उड़द, मोठ, तिल, घी आदि तेज रहेंगे। रुई, चांदी, सोना, सूत, सण, गुड़, खांड, शक्कर मंदे रहेंगे। 18 मई से कुछ बाज़ार तेज रहेंगे। लेकिन 20 से 26 मई के लगभग तक मंदी के झटके संभव है। 29 से 29 मई तक बाजारों में जोरदार तेजी बनेगी।

आकाश लक्षण - मई 16, 18, 20, 21, 25 से 29 तक महाराष्ट्र, भूटान, उड़ीसा, शिलांग, काठमांडू, जम्मू-कश्मीर, उत्तर प्रदेश के कुछ भाग उत्तराखंड, बिहार और हिमाचल प्रदेश में वायुवेग के साथ वर्षा के योग है। 25 मई के लगभग हवा का जोर रहेगा।


भद्रे
18 मई 6:57PM से 19 मई 5:28AM तक।
21 मई 10:13PM से 22 मई 9:22AM तक।
25 मई 6:04AM से 25 मई 5:48PM तक।
28 मई 6:41PM से 29 मई 7:16AM तक।

पंचक
इस पक्ष में पंचक नही है।

गंडमूल
20 मई 10:45PM से 22 मई 8:28PM तक।
30 मई 12:55AM से 1 जून 5:53AM तक।

https://youtu.be/Y85ApYUZJkQ



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